हौसलों की उड़ान
Monday, 23 May 2016
तुम
मौसम चाहे जो हो
हर मौसम तुम हो
सर्दी की सरसराहट हो
या बारिश की आहट हो
गर्मी की तपन हो
बस ,,कुछ नही कहना
तुम तुम हो I
******नीता परिहर*****
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)