नारी शत शत नमन
है तुझको
जीवन का आधार हो
शक्ति का संचार
हो तुम
नारी हो तुम
नर भी है
तुझमे
पावन संज्ञा से
अलंकृत हो
तुम (माँ )
स्नेहिल शांत स्वरूप
करुणा की छाया
हो तुम
निर्मल आभा से भरपूर
नदी सी चंचल
हो तुम
धरा सी धीर हो
गगन सी भीर
हो तुम
फूलों सी कोमल हो
कमजोरनही
तुम
"शक्ति "का नाम ही
नारी है
*नीता परिहार *

बहुत ही सुंदर दीदी
ReplyDeleteअहा. सुखद. सलाम :)
ReplyDeleteआहा ..शुक्रिया अंशु , शुक्ल जी आपका भी
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