Text selection Lock by Hindi Blog Tips

Monday, 30 December 2013

नारी


















    बेटी ,पत्नी, माँ बनकर


मिली मुझे पहचान नयी
किये हौसले से काम सभी
 पापा से है दाद मिली ..........

    बन बहू खूब सेवा की
    घर में सभी से बहुत
    खूब वाह वाह मिली

   माँ बन ,जब ऊँगली थामी
   अनजानी राहों में
    नयी राह मिली

   देखूं जब जब भी गौर से
   बिटियाँ तुझको
   तुझमे अपनी माँ मिली

  हर पल तू माँ बन मेरी
  कितना मेरा ख्याल रखे
  मैं भी कहती ,तुम भी कहती
  माँ तुमसे है हिम्मत मिली

 बदले किरदार नये नये
 हर बार मुझे मेरी पहचान मिली ...........:)

  **नीता परिहार **





Sunday, 15 December 2013

.सुनहरी धूप




देखो ,ये वही धूप टुकड़ा

जो  ले आये थे ...तुम

सुबह सुबह अंजुरी भर

जिससे मन ,दिल,और घर

सज गया था

सुनहरी रौशनी से

बंध गयी थी नई आशाएं

वो ख्वाब

अब भी उतने ही सुनहरे

 जितना ये धूप का

टुकड़ा,याद है न तुम्हें

 बोलो न  .............

    *नीता परिहार *




Wednesday, 11 December 2013

ठन्डे झोंखे आये है उस पार से
खिला है दिल बस उनके प्यार से
यूँ तो मौसम हुआ खुशगवार है
खिला  है नूर  फिजा में बहार से 

Thursday, 5 December 2013

बात दिल की














सफर हो चाहे कितना ही मुश्किल
मंजिल तक पहुँचने के रास्ते है बहुत

 अश्को का दरिया ना बढ़ा इस कदर
 जीने के लिए मुस्कुराने की वजह है बहुत

तलाश रहा ख़ुशी तू दर बदर क्यूँ है
 झांक तू दिल के अन्दर ख़ुशी है बहुत

 कभी इस गली में रुख तू भी करना
 खुदा के घर तक गलियारे है बहुत

*नीता परिहार *