Monday, 11 March 2013
Thursday, 7 March 2013
शक्ति हूँ मै
नारी शत शत नमन
है तुझको
जीवन का आधार हो
शक्ति का संचार
हो तुम
नारी हो तुम
नर भी है
तुझमे
पावन संज्ञा से
अलंकृत हो
तुम (माँ )
स्नेहिल शांत स्वरूप
करुणा की छाया
हो तुम
निर्मल आभा से भरपूर
नदी सी चंचल
हो तुम
धरा सी धीर हो
गगन सी भीर
हो तुम
फूलों सी कोमल हो
कमजोरनही
तुम
"शक्ति "का नाम ही
नारी है
*नीता परिहार *
Subscribe to:
Posts (Atom)

