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Sunday, 17 August 2014

मेरे अहसास

कल किसी ने पूछा मुझसे,
बिटिया की शादी आर्मी केप्टन से कर दी
जो इस समय,कश्मीर की सीमाओं पर तैनात
डर नही लगता तुम्हें?

कहा मैंने ,जब मैं निकलती हूँ सड़को पर.
देखती हूँ गाड़ियों की तेज़ रफ़्तार
तब डर लगता है मुझे ..........

छोटी छोटी बच्चियां जाती है जब स्कूल ,
पढ़ने के लिए,अपनो से दूर रह रही
बच्चियां शहरों में अकेली
तब डर लगता है मुझे .…

बस में ,ट्रेन में सफर कर रहीं अकेली ,
अँधेरी रात में किसी काम से
निकलना पड़े किसी महिला को
तब डर लगता है मुझे .

सीमा पर तैनात वीर जवान
जो सुरक्षा में हमारी,उनके लिए डर कैसा?
ईश्वर का साथ और माँ की दुआएं
होती है उनके पास ,उनके लिए डर नही ,
गर्व होता है मुझे ,गर्व होता है मुझे।।।।

*****नीता परिहार *****





Saturday, 9 August 2014

फर्ज़


चलो उठो
देश के लिए,
 कदम से कदम मिलाओ
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!

क्या हुआ,गर तुम
सीमा पर तैनात न हो,
इनकम टैक्स भर
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!

बस तुम  इतना करो
ज़ज़्बात है अगर तुममे
ज़िंदा दिली से,
 नि:सहायो कीसेवा कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!

देश की स्वच्छता के लिए
बस इतना सा
श्रमदान कर,
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!

लगा कर पेड़ पौधे,
धरती को अलंकृत कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ

 क्या इधर उधर
 की लेकर बैठे हो तुम,
 नई ऊर्जा का संचारकर
 उदास चेहरों में मुस्कान खिला
 रक्त दान कर
 अपना फ़र्ज़ निभाओ!!

अपने लिए जिए तो क्या जिए
देश के लिए छोटी छोटी सी
ज़िम्मेदारी उठा कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ!1

सबका साथ ,सबका विकास
की तर्ज़ पर,काम कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ
अपना फ़र्ज़ निभाओ  ..........

 *****नीता परिहार *****






वीर हो तुम


वीर हो तुम
सीमा पर तैनात
ज़ज्बा तुम्हारा

रक्षा बंधन
रीत निभाई तूने
दीर्घायु भवः

माँ और पत्नी
इंतज़ार में तेरे
बाट जोहती

जय जवान
सुरक्षा है तुमसे
सलाम तुम्हे

नीता परिहार 

Monday, 4 August 2014

"रक्षा बंधन विशेष "


              बहना बोले

आया सावन में राखी का त्यौहार
बहना मांगे भाई से प्यारा उपहार
रेशम की डोर सा नाज़ुक है रिश्ता
 दे दे भैया इस बार सोने का हार

             भैया बोले

तेरी ज़िद के आगे मैं तो गया हार
याद रखना,भेजना राखी हर साल
मनाऊं कैसे भाभी तेरी जले बारम्बार
देता हूँ तुझे मैं आशीर्वाद तुझे हज़ार
 
            भाभी बोले

क्यों बदनाम करे हो मुझे हर बार
ये तो है प्रेम और सौहाद्र का त्यौहार
जाओ तुम, बंधवा आओ राखियाँ
देना मेरी भी तरफ से दुआएं  हज़ार

*****नीता परिहार*****