बहना बोले
आया सावन में राखी का त्यौहार
बहना मांगे भाई से प्यारा उपहार
रेशम की डोर सा नाज़ुक है रिश्ता
दे दे भैया इस बार सोने का हार
भैया बोले
तेरी ज़िद के आगे मैं तो गया हार
याद रखना,भेजना राखी हर साल
मनाऊं कैसे भाभी तेरी जले बारम्बार
देता हूँ तुझे मैं आशीर्वाद तुझे हज़ार
भाभी बोले
क्यों बदनाम करे हो मुझे हर बार
ये तो है प्रेम और सौहाद्र का त्यौहार
जाओ तुम, बंधवा आओ राखियाँ
देना मेरी भी तरफ से दुआएं हज़ार
*****नीता परिहार*****
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