चलो उठो
देश के लिए,
कदम से कदम मिलाओ
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!
क्या हुआ,गर तुम
सीमा पर तैनात न हो,
इनकम टैक्स भर
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!
बस तुम इतना करो
ज़ज़्बात है अगर तुममे
ज़िंदा दिली से,
नि:सहायो कीसेवा कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!
देश की स्वच्छता के लिए
बस इतना सा
श्रमदान कर,
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!
लगा कर पेड़ पौधे,
धरती को अलंकृत कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ
क्या इधर उधर
की लेकर बैठे हो तुम,
नई ऊर्जा का संचारकर
उदास चेहरों में मुस्कान खिला
रक्त दान कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ!!
अपने लिए जिए तो क्या जिए
देश के लिए छोटी छोटी सी
ज़िम्मेदारी उठा कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ!1
सबका साथ ,सबका विकास
की तर्ज़ पर,काम कर
अपना फ़र्ज़ निभाओ
अपना फ़र्ज़ निभाओ ..........
*****नीता परिहार *****
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