स्मृतियों के दृष्टि पटल पर ......
अमलतास ,गुलमोहर और पलास के संग
कुछ लाल,कुछ पीला कुछ संतरा सा रंग
इत्फाक से हम मिले थे जहाँ
वहां आज भी
याद में
खड़े है बेपरवाह
फूलों से लदे पलास
आओ ना ...............
इस सुनहरी सी दोपहरी में
चुनते है अपने लिए कुछ रंग ........
*नीता *