हौसलों की उड़ान
Tuesday, 9 April 2013
डायरी के पन्ने ....
डायरी में पन्नों के बीच दबे
कुछ याद संजोते फूल,
मौसम के मिजाज़ से मेल खाते
कुछ गुलाब प्यार लिए,
तो कुछ पलाश रंगत लिए
कुछ हरसिंगार,
यादों की महक लिए
सिमटे रहे पन्नों के बीच
जाने क्यूँ आज महक उठे
मन के आँगन में ..........*नीता परिहार *
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)