कभी लंबी,तो कभी,छोटी लगती है जिंदगी !
यादों मे खुद को भुला बैठे,
कभी सुलझी,तो कभी उलझी
लगती है जिंदगी !
बड़ी ही शिकायत है
ज़माने को ज़माने से,
कभी मस्त तो कभी त्रस्त
लगती है जिंदगी !
जी लो जी भर के
थाम लो दामन खुशियों का,
जो कभी कठिन तो कभी हसीन
लगती है जिंदगी ☺
*****नीता परिहार *****
