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Monday, 30 December 2013

नारी


















    बेटी ,पत्नी, माँ बनकर


मिली मुझे पहचान नयी
किये हौसले से काम सभी
 पापा से है दाद मिली ..........

    बन बहू खूब सेवा की
    घर में सभी से बहुत
    खूब वाह वाह मिली

   माँ बन ,जब ऊँगली थामी
   अनजानी राहों में
    नयी राह मिली

   देखूं जब जब भी गौर से
   बिटियाँ तुझको
   तुझमे अपनी माँ मिली

  हर पल तू माँ बन मेरी
  कितना मेरा ख्याल रखे
  मैं भी कहती ,तुम भी कहती
  माँ तुमसे है हिम्मत मिली

 बदले किरदार नये नये
 हर बार मुझे मेरी पहचान मिली ...........:)

  **नीता परिहार **