जहाँ पहली बार मिले थे हम
वो राह अब भी याद है
रोशन हुआ था जब समां
रोशनाई अब भी याद है
कहाँ से कहाँ ले आई जिंदगी
वो बेवफाई अब तक याद है
छोड़ कर राह में जाना तेरा
वो तन्हाई अभी तक याद है
जिक्र क्या करूँ मैं तेरा तेरी
साफगोई अब भी याद है
*****नीता परिहार *****
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