हम तुम से रूठे रहे
यूँ तुम अब मनाने से रहे
रात गुजारी राह में तेरी
घर तुम अब आने से रहे
रात कट गई आंसू बहते रहे
तुम हमें अब बहलाने से रहे
चले जाओ दूर चाहे तुम
हम तुम्हे अब भुलाने से रहे
चाहे लगाओ गुहार कितना
हम दिल अब लगाने से रहे
*****नीता परिहार *****
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