बुलाता है कोई
ऊँचे घने जंगलों में
नीला आसमान ..........
मुश्किल से ही कहीं
चिथड़ो में ही दिखाई
देता है
हरे भरे जंगल में
पत्तों की आह्ट से
लगता है
बुलाता है कोई
दूर उन दिशाओ से
हवाओ में
घुली है नमी
बहते झरनों सी
आवाज़ में
बुलाता है कोई
फूलों में
भंवरों की गुंजन से
हर पल हर दम
बुलाता है कोई .......
*नीता परिहार *
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