आज प्यार में धोखा कितना आसान हो गया
प्यार को निभा गया जो वो अहसान हो गया
तबियत घबराती है अब इन्सां को देखकर
फितरत बदलकर वो आज शैतान हो गया
खुदा भी पूछे अब तुझे क्या इंसान हो गया
खुशियों को भूला आज परेशान हो गया
जाने क्या हवा लगी या नजर जमाने को
आदमी चलती फिरती दूकान हो गया !!
*****नीता परिहार *****
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