खिलती सांझ
डूब गया सूरज
निकला चाँद
हर्षित मन
बावला हुआ जाए
उड़ता फिरे
जी हुआ जाए
शायराना सा मेरा
तन्हाई गाये
डूबा डूबा सा
दिल हुआ जाता है
याद सताये !!
नीता परिहार
डूब गया सूरज
निकला चाँद
हर्षित मन
बावला हुआ जाए
उड़ता फिरे
जी हुआ जाए
शायराना सा मेरा
तन्हाई गाये
डूबा डूबा सा
दिल हुआ जाता है
याद सताये !!
नीता परिहार
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