तुम
ख़्वाबों में मिली
एक परी थी
पूरी हो यही
कामना थी
यश से भरी
झोली थी
बिंदिया थी
चूडियाँ थी
पायल थी
चांदनी रात थी
ओस थी,आस थी
इंतज़ार में तेरे
साँस थी
आँखों में
नमी थी
बस एक तेरी
कमी थी
सौगात में मिल
जाओ मुझे "तुम"
ऐसी एक प्यास थी !!
*****नीता परिहार ****
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