Text selection Lock by Hindi Blog Tips

Wednesday, 5 March 2014

अब तुम सिर्फ जिंदगी के हिस्से रह गये
जाने अनजाने बातों के किस्से रह गये
यूँ तो दर्द तुमने  मुझे बेशुमार दिए
जब जब कुरेदा घाव रिसते रह गये

बादलों से छनकर धूप खिल आई है
मानो चाँद से चुपके से मिल आई है
यूँ तो बादलों ने डाला अपना डेरा है
तभी तो मौसन इतना हरजाई है





No comments:

Post a Comment