मुझे इंतज़ार है
हरसिंगार के खिलने का
झर के आँगन में
बिछ जाने का
खुशबू से
आँगन के महकने का
मुझे इंतज़ार है
तुम्हारे आने का
क्योकि मैंने देखा है
जब भी हरसिंगार
खिलकर
मेरे आँगन में
बिखरता है
उसकी खुशबू से
तुम खिंचे चले आते हो
इस लिए तो
मुझे इंतज़ार है
हरसिंगार के खिलने का ......
*नीता परिहार *
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