Text selection Lock by Hindi Blog Tips

Saturday, 15 September 2012

इस दिल ने कहा ...

सूरज तो जैसे ईद का चाँद हो गया
बादलों की साजिश में हलकान हो गया


आज किरण निकली नही ,पुरवाई बही नही
लगता है सूरज की तबियत कुछ ठीक नही


कोयल की कुहू कुहू ,पपीहे की पिहू पिहू
से जब आँख खुली तो देखा
ठंडी बयार बह रही है
बारिश की पहली फुहार से
पता चला की तुम आ गये


                                                       *नीता परिहार *    

No comments:

Post a Comment