सूरज तो जैसे ईद का चाँद हो गया
बादलों की साजिश में हलकान हो गया
आज किरण निकली नही ,पुरवाई बही नही
लगता है सूरज की तबियत कुछ ठीक नही
कोयल की कुहू कुहू ,पपीहे की पिहू पिहू
से जब आँख खुली तो देखा
ठंडी बयार बह रही है
बारिश की पहली फुहार से
पता चला की तुम आ गये
*नीता परिहार *
बादलों की साजिश में हलकान हो गया
आज किरण निकली नही ,पुरवाई बही नही
लगता है सूरज की तबियत कुछ ठीक नही
कोयल की कुहू कुहू ,पपीहे की पिहू पिहू
से जब आँख खुली तो देखा
ठंडी बयार बह रही है
बारिश की पहली फुहार से
पता चला की तुम आ गये
*नीता परिहार *
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