जब दिल से दिल की बात चली
रोते रोते ................रात कटी
जब एक शाम याद की बात चली
कहते कहते .............रात कटी
जब उस जुल्म की बात चली
जगते जगते............रात कटी
जब उनसे दूर जाने की बात चली
तनहा तनहा ...............रात कटी
जब उनसे जुदाई की बात चली
आँखों आँखों में ..........रात कटी
*****नीता परिहार *****

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